बारिश के मौसम में गमले में लगे पौधों की देखभाल थोड़ी खास तरीके से करनी पड़ती है क्योंकि अधिक नमी, फंगस और जलभराव जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। यहाँ कुछ उपयोगी टिप्स दिए गए हैं:
🌧️ बारिश में गमले के पौधों की देखभाल कैसे करें

1. जल निकासी (Drainage) का ध्यान रखें
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गमले के नीचे छेद होना जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके।
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अगर छेद बंद हो गया है तो उसे खोलें या नया गमला लें।
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नीचे छोटे पत्थर या टूटी ईंटें रखें ताकि मिट्टी गीली न रहे।
2. गमले को शेड या छत के नीचे रखें
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पौधों को बहुत ज्यादा बारिश से बचाएं। ज़्यादा पानी उनकी जड़ों को सड़ा सकता है।
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हल्की बारिश से पौधों को फायदा होता है, लेकिन लगातार बारिश से उन्हें ढककर रखें।
3. फंगस और कीड़ों से बचाव
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नमी ज्यादा होने से फफूंदी और कीड़े लग सकते हैं।
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नीम का तेल (Neem oil) छिड़कें या जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें।
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पत्तों पर सफेद या काली फंगस दिखे तो साफ कपड़े से पोंछें।
4. सही मिट्टी का उपयोग
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मिट्टी में रेत या कोकोपीट मिलाएँ ताकि यह अच्छी तरह से पानी सोख सके और ड्रेनेज बेहतर हो।
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भारी मिट्टी (clay) न लें, क्योंकि उसमें पानी रुकता है।
5. धूप की व्यवस्था
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बारिश में अक्सर धूप कम होती है, ऐसे में पौधों को कभी-कभी 1-2 घंटे के लिए बाहर निकालें जब धूप निकले।
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यदि संभव हो तो उन्हें ऐसी जगह रखें जहाँ थोड़ा-थोड़ा सूरज आता रहे।
6. कटाई-छंटाई (Pruning) करें
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सूखी या सड़ी हुई टहनियों और पत्तों को काट दें ताकि पौधे स्वस्थ रहें।
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इससे नया विकास भी अच्छा होता है।
7. उर्वरक का प्रयोग कम करें
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मानसून में पौधों की वृद्धि कम हो सकती है, ऐसे में बहुत ज्यादा खाद न डालें।
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अगर जरूरत हो तो जैविक खाद (compost) का हल्का उपयोग करें।
